Thursday, 15 September 2011

खुद पे भरोसा रख ...

अपनी किस्मत से ज्यादा
तू खुद पे भरोसा  रख ...
आसमान पे कदम रखने का
तू इरादा तो रख ...
ज़मी के ज़र्रे को
फ़लक का चाँद बना देगा वो ...
तू बस अपने ख्वाबों पे भरोसा रख ...

Tuesday, 23 August 2011

एक ख्वाब का ख्वाब ...

हर लहर को
साहिल की तलाश होती है ...
हर कश्ती को
मंजिल की तलाश होती है ...
हर आँख को
एक ख्वाब की तलाश होती है ...
और हर ख्वाब को
सच होने की आस होती है ...

ख्वाबों पे ऐतबार कर ...

पंछी की तरह ,
हर सरहद  को  पार कर ले .
मछली की तरह ,
गहराईयों से प्यार कर ले .
ज़िन्दगी खुबसूरत खुद ही हो जाएगी ,
तू भी अपने ख्वाबों पे
ऐतबार कर ले ....

एक जिंदा ख्वाब ...

सोंच इन आँखों में क्या है ,
मरे हुए ख्वाबों के सिवा ...

ज़रा गौर कर
शायद कोई ख्वाब जिंदा हो ...

उठा लो उसे और दिल से सहेज लो

थोड़े विश्वास से,थोड़े प्रयास से
उस ख्वाब को बचा लो ...

फिर पलकों से उठा कर
हांथों की लकीरों में बसा लो ...

इस ख्वाब को जिंदा रहने दो
और अपना बना लो ...
 
रौशन चराग कभी
अंधेरों से नहीं डरते ,
डरते हैं वो लोग
जिन्हें खुद पे
भरोसा नहीं होता ....

ख्वाहिशों के दिए...


ख्वाहिशों के दिए दिल में
जलाये बैठे हैं ...
एक ख्वाब आँखों में
सजाये बैठे हैं ...
राह में कांटे भी हैं ,
अँधेरे भी ,
हम भी कम नहीं ,
हम तो हौसलों की मशाल
हांथों में उठाये बैठे हैं ....