हर लहर को
साहिल की तलाश होती है ...
हर कश्ती को
मंजिल की तलाश होती है ...
हर आँख को
एक ख्वाब की तलाश होती है ...
और हर ख्वाब को
सच होने की आस होती है ...
ख्वाहिशों के दिए दिल में
जलाये बैठे हैं ...
एक ख्वाब आँखों में
सजाये बैठे हैं ...
राह में कांटे भी हैं ,
अँधेरे भी ,
हम भी कम नहीं ,
हम तो हौसलों की मशाल
हांथों में उठाये बैठे हैं ....